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पथरिया में विकास की पोल: जान जोखिम में डालकर स्कूल जाते हैं बच्चे, जैन : पथरिया में विकास की पोल: जान जोखिम में डालकर स्कूल जाते हैं बच्चे, जैन मंदिर वाला नाला बना मौत का रास्ता

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Sun, Jul 26, 2026

पथरिया में विकास की पोल: जान जोखिम में डालकर स्कूल जाते हैं बच्चे, जैन मंदिर वाला नाला बना मौत का रास्ता

पथरिया में विकास की पोल: जान जोखिम में डालकर स्कूल जाते हैं बच्चे, जैन मंदिर वाला नाला बना मौत का रास्ता

पथरिया (दमोह)। विकास के बड़े-बड़े दावों के बीच पथरिया विधानसभा के ग्राम सूखा की हकीकत कुछ और ही कहानी बयां करती है। गांव के बीच जैन मंदिर के सामने स्थित नाला आज भी पुलिया के अभाव में ग्रामीणों और स्कूली बच्चों के लिए जानलेवा बना हुआ है। बरसात के 4 से 5 महीनों तक नाला उफान पर रहता है, जिससे करीब 10 से 15 परिवारों का गांव से संपर्क पूरी तरह कट जाता है।

सबसे अधिक परेशानी स्कूल जाने वाले बच्चों को उठानी पड़ रही है। हर दिन उन्हें अपनी जान जोखिम में डालकर नाला पार कर स्कूल पहुंचना पड़ता है। सरकार जहां हर बच्चे को सुरक्षित और सुलभ शिक्षा का अधिकार देने की बात करती है, वहीं ग्राम सूखा के बच्चों की शिक्षा का रास्ता खतरे से होकर गुजरता है।

स्कूल की छात्रा पूजा कश्ती ने बताया कि सुबह स्कूल जाते समय उसकी मां हाथ पकड़कर नाला पार कराती हैं, जबकि छुट्टी के बाद शाम को पिता काम छोड़कर उसे लेने आते हैं। पूजा ने बताया कि कुछ समय पहले उसका भाई इसी नाले के तेज बहाव में बह गया था, जिससे उसके हाथ में फ्रैक्चर हो गया था। इस घटना के बाद पूरा परिवार हर दिन डर के साये में जी रहा है।

ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने इस समस्या को लेकर कई बार सरपंच, जनप्रतिनिधियों और विधायक से शिकायत की, लेकिन हर बार केवल आश्वासन मिला कि "जल्द पुलिया बन जाएगी।" वर्षों बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है।

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि जैन मंदिर के सामने स्थित इस नाले पर शीघ्र एक छोटी पुलिया का निर्माण कराया जाए, ताकि बच्चों की पढ़ाई बाधित न हो और ग्रामीणों की जान जोखिम में न पड़े।

ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते इस गंभीर समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो बरसात के दौरान कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

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