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*गायत्री महामंत्र की आहुतियों से बसाया नया आशियाना* हटा । समीपस्थ ग्र : *गायत्री महामंत्र की आहुतियों से बसाया नया आशियाना* हटा । समीपस्थ ग्राम हिनौता कला में वैदिक परंपरा का अनुकरण करते हुए

Jankranti Express

Thu, Jun 25, 2026

गायत्री महामंत्र की आहुतियों से बसाया नया आशियाना

हटा । समीपस्थ ग्राम हिनौता कला में वैदिक परंपरा का अनुकरण करते हुए गृह प्रवेश के अवसर पर नारायण प्रजापति ने सपरिवार देवपूजन , वास्तुदेवता का पूजन कर गायत्री महायज्ञ संपन्न किया । कार्यक्रम का संचालन करते हुए पंडित दिनेश दुबे ने बताया हवन का वैज्ञानिक एवं आध्यात्मिक पक्ष वातावरण को शुद्ध करना मन को सकारात्मक बनाना और परिवार में समन्वय स्थापित करना है । वर्तमान समय में गायत्री परिवार प्रत्येक शुभ कार्य की शुरुआत गायत्री महायज्ञ से करने की परंपरा का निरंतर प्रोत्साहन कर रहा है । भवन केवल ईंट पत्थरों से नहीं बल्कि पारिवारिक त्याग , सहकार और संस्कारों की यज्ञीय बुनियाद पर निर्मित होते हैं । गायत्री हवन के पश्चात घर के सभी स्थानों में सकारात्मक ऊर्जा के संचार हेतु वेदमंत्रों से अनुप्राणित गंगाजल का छिड़काव कराया गया । कार्यक्रम के समापन अवसर पर श्री प्रजापति ने भावुक होकर बताया कि उन्होंने वर्ष 1993 में शांतिकुंज से गायत्री साधना की दीक्षा प्राप्त की थी वहीं से प्रशिक्षण के दौरान पेंटिंग एवं सद्विचार लेखन की कला सीखी जो जीवकोपार्जन का प्रमुख आधार है उन्होंने बताया शांतिकुंज ने न केवल रोजगार दिया बल्कि जीवन को सेवा , संस्कार और समाज निर्माण की दिशा भी प्रदान की । वह अल्प पारिश्रमिक में मध्यप्रदेश के अनेक जिलों में प्रेरणादाई सदवाक्य लेखन का कार्य करते हैं तथा बोलती दीवार अभियान के अंतर्गत समयदान और श्रमदान करते हैं। विद्यालयों सार्वजनिक स्थलों एवं गांव की दीवारों में नशा मुक्ति , स्वच्छता , पर्यावरण , नैतिकता , शिक्षा और सदाचार हेतु प्रेरक सदवाक्य लेखन करते हैं । सभी यज्ञकर्ताओं ने अक्षत पुष्प वर्षाकर उनका स्वागत किया। शांतिपाठ के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।

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