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*एमपी के मछली उत्पादन को मिली अंतर्राष्ट्रीय पहचान, सीएम डॉ. मोहन बोले : *एमपी के मछली उत्पादन को मिली अंतर्राष्ट्रीय पहचान, सीएम डॉ. मोहन बोले- किसानों की समृद्धि के लिए हम प्रतिबद्ध* - *कुवै

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Tue, Jul 7, 2026

एमपी के मछली उत्पादन को मिली अंतर्राष्ट्रीय पहचान, सीएम डॉ. मोहन बोले- किसानों की समृद्धि के लिए हम प्रतिबद्ध

- कुवैत की कंपनी ज़बेदी अल कुवैत फिशरीज और इंदौर की कामदार्स केयर के बीच एग्रीमेंट

एमपी के मछली उत्पादन को मिली अंतर्राष्ट्रीय पहचान, सीएम डॉ. मोहन बोले- किसानों की समृद्धि के लिए हम प्रतिबद्ध  - कुवैत की कंपनी ज़बेदी अल कुवैत फिशरीज और इंदौर की कामदार्स केयर के बीच एग्रीमेंट

- इस करार से मध्यप्रदेश में 7 हजार 430 करोड़ रुपए का निवेश संभव

- प्रदेश में तालाबों-जलाशयों के बेहतर प्रबंधन पर जोर

भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. यादव की जन-कल्याण की कोशिश रंग लेती नजर आ रही है। उनकी उपस्थिति में 6 जुलाई को कुवैत की अग्रणी मत्स्य कंपनी ज़बेदी अल कुवैत फिशरीज कंपनी और इंदौर की कामदार्स केयर के बीच 7 हजार 430 करोड़ रुपए के निवेश और बाय बैक एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर हुए। यह एग्रीमेंट मध्यप्रदेश एकीकृत मत्स्योद्योग नीति-2026 के अंतर्गत हुआ है। इस मौके पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि अन्नदाता की समृद्धि के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। इसी उद्देश्य से किसान कल्याण वर्ष में प्रदेश में पशुपालन, मत्स्य पालन जैसी आय बढ़ाने वाली गतिविधियों को प्रोत्साहित या बढ़ावा दिया जा रहा है। प्रदेश में तालाबों और जलाशयों के बेहतर प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

एमपी के मछली उत्पादन को मिली अंतर्राष्ट्रीय पहचान, सीएम डॉ. मोहन बोले- किसानों की समृद्धि के लिए हम प्रतिबद्ध  - कुवैत की कंपनी ज़बेदी अल कुवैत फिशरीज और इंदौर की कामदार्स केयर के बीच एग्रीमेंट

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अन्नदाता की समृद्धि के लिए कृषि के साथ-साथ मत्स्य पालन क्षेत्र में भी अपार संभावनाएं विकसित हो रही हैं। प्रदेश के मछुआरा समुदाय के लोग मछली पालन जरिए ही अपनी आजीविका चलाते हैं। इन सबकी बेहतरी के लिए मध्यप्रदेश एकीकृत मत्स्योद्योग नीति 2026 के अंतर्गत गतिविधियों को अंतर्राष्ट्रीय विस्तार दिया जा रहा है। आज कुवैत की अग्रणी मत्स्य कंपनी और कामदार्स केयर के बीच हुआ एग्रीमेंट प्रदेश में मत्स्य पालन और मछुआ कल्याण के क्षेत्र में नया इतिहास रचेगा।

एमपी में हैं मत्स्य पालन क्षेत्र में अपार संभावनाएं

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में मत्स्य पालन विकास के लिए पर्याप्त जल संरचनाओं के भंडार हैं। इससे देश की खाद्य आवश्यकताओं की पूर्ति करने के साथ-साथ निर्यात को भी बढ़ावा मिलेगा। कृषि और खाद्यान्न के विकास को लेकर मध्यप्रदेश में अपार संभावनाएं हैं। कुवैत हमारा मित्र देश है, प्रदेश में विदेशी निवेश प्रस्तावों को धरातल पर उतारने के लिए राज्य सरकार पूर्ण समर्पण के साथ तेजी से कार्य कर रही है। अब इसके सुखद परिणाम भी लगातार सामने आ रहे हैं। भविष्य में मध्यप्रदेश मत्स्य पालन के क्षेत्र में अपनी एक अलग पहचान बनाएगा।

1 लाख 23 हजार टन वेजिटेबल्स का होगा उत्पादन

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में हुए एग्रीमेंट के दौरान जानकारी दी गई कि मध्यप्रदेश एकीकृत मत्स्य उद्योग नीति-2026 के अंतर्गत राज्य में आधुनिक निर्यातोन्मुखी एवं मूल्य संवर्धन मत्स्य उद्योग के विकास के लिए निजी एवं विदेशी निवेश आकर्षित करने का प्रावधान है। अनुबंध के अंतर्गत 7 हजार 430 करोड़ रुपये के अनुमानित निवेश से इंदिरा सागर, बरगी, बाणसागर और बारना जलाशय में केज कल्चर सहित बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज आधारित इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जाएगा। केज कल्चर के जरिये लगभग 4 लाख टन का अतिरिक्त मत्स्य उत्पादन अपेक्षित है। इसके साथ ही एक्वापोनिक्स, हाइड्रोपोनिक्स, ग्रीन हाउस से 1 लाख 23 हजार टन वेजिटेबल्स आदि का भी उत्पादन होगा। प्रदेश में हो रही इस नई पहल से 15 हजार प्रत्यक्ष और 20 हजार अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे। प्रदेश से लगभग 6 हजार करोड़ रुपए के मत्स्य निर्यात का लक्ष्य है। राज्य सरकार की इस पहल से प्रदेश के मछुआरे विशेष रूप से लाभान्वित होंगे।

मध्यप्रदेश को देश का अग्रणी मत्स्य निवेश और निर्यात केन्द्र बनाएगा यह अनुबंध

यह अनुबंध मध्यप्रदेश को देश का अग्रणी मत्स्य निवेश और निर्यात केन्द्र बनाने की दिशा में एक प्रयास है। ज़बैदी अल-कुवैत फिशरीज़ कंपनी का 10 से अधिक देशों में प्रीमियम क्वालिटी फूड, डिब्बाबंद खाद्य उत्पाद, मसाले आदि में व्यापारिक नेटवर्क है। कामदार्स केयर एक क्लस्टर-बेस्ड व्यापारिक संगठन है। यह समूह किसान उत्पाद संगठनों के गठन और उनके व्यवसाय को बढ़ाने में मदद करता है। इसे स्टार्टअप इंडिया के अंतर्गत भी मान्यता प्राप्त है।

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