1581 क्विंटल गेहूं गायब: 120 राशन दुकानों की जांच में 44 में मिली गड़ब : 1581 क्विंटल गेहूं गायब: 120 राशन दुकानों की जांच में 44 में मिली गड़बड़ी, मामला एडीएम को भेजा
Jankranti Express
Sun, Jul 26, 2026
1581 क्विंटल गेहूं गायब: 120 राशन दुकानों की जांच में 44 में मिली गड़बड़ी, मामला एडीएम को भेजा
दमोह। गरीबों के लिए भेजा गया 1581 क्विंटल गेहूं और चावल आखिर कहां गायब हो गया? यह सवाल अब पूरे जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है। खाद्य विभाग द्वारा 120 उचित मूल्य (राशन) दुकानों की जांच में 44 दुकानों पर भारी अनियमितताएं सामने आने के बाद विभाग ने प्रकरण तैयार कर एडीएम कार्यालय भेज दिया है।
जानकारी के अनुसार जांच में केवल राशन दुकानों की लापरवाही ही नहीं, बल्कि बड़े स्तर पर खाद्यान्न की हेराफेरी और कालाबाजारी के नेटवर्क की आशंका भी जताई जा रही है। चर्चा है कि इतनी बड़ी मात्रा में राशन बिना किसी संगठित तंत्र के गायब होना संभव नहीं है।
सबसे अधिक गड़बड़ी वाली दुकानें
जांच में जिन दुकानों पर सबसे ज्यादा खाद्यान्न की कमी मिली, उनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं—
मड़ियादो कंपोजिट-2 – 185 क्विंटल गेहूं, 8 क्विंटल चावल
मोहरा – 140 क्विंटल गेहूं, 32 क्विंटल चावल
लरगुवां – 87 क्विंटल गेहूं, 27 क्विंटल चावल
सेवा सहकारी समिति अजनी – 63 क्विंटल गेहूं, 4 क्विंटल चावल
सहजपुर – 62 क्विंटल गेहूं, 15 क्विंटल चावल
सेवासहकारी समिति पौड़ी मानगढ़ – 56 क्विंटल गेहूं, 8 क्विंटल चावल
फूटेरा कला-1 – 45 क्विंटल गेहूं, 35 क्विंटल चावल
सुनकई – 42 क्विंटल गेहूं, 10 क्विंटल चावल
मराहर – 40 क्विंटल गेहूं, 10 क्विंटल चावल
किल्लाई – 33 क्विंटल गेहूं, 4 क्विंटल चावल
सतपारा – 32 क्विंटल गेहूं, 32 क्विंटल चावल
सिर्फ सेल्समैन नहीं, खरीदारों पर भी उठ रहे सवाल
जिले में यह चर्चा तेज है कि यदि खाद्यान्न दुकानों से बाहर गया है तो उसे खरीदने वाले, गोदाम संचालक, परिवहनकर्ता और व्यापारियों की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए। स्थानीय स्तर पर लंबे समय से कुछ व्यापारियों द्वारा राशन का गेहूं खरीदकर दूसरे जिलों में भेजे जाने की चर्चाएं होती रही हैं।
बड़ा नेटवर्क होने की आशंका
विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी बड़ी हेराफेरी केवल सेल्समैन या विक्रेता के स्तर पर संभव नहीं है। इसके पीछे खरीददारों, गोदाम संचालकों, परिवहनकर्ताओं और बिचौलियों की पूरी श्रृंखला सक्रिय हो सकती है। यदि कार्रवाई केवल राशन दुकानों तक सीमित रही तो असली नेटवर्क सामने नहीं आ पाएगा।
एडीएम कार्यालय भेजे गए प्रकरण
प्रभारी जिला खाद्य आपूर्ति अधिकारी ने बताया कि जांच के बाद प्रकरण एडीएम कार्यालय भेज दिए गए हैं। नियमानुसार वसूली, निलंबन, लाइसेंस निरस्तीकरण, अनुबंध समाप्त करने और आवश्यक होने पर एफआईआर जैसी कार्रवाई भी की जा सकती है।
व्यापारियों पर भी उठ रही उंगलियां
शहर में यह भी चर्चा है कि कुछ थोक अनाज व्यापारी लंबे समय से राशन का गेहूं खरीदने के काम में लगे हैं। बताया जाता है कि कुछ वेयरहाउसों में बड़ी मात्रा में खाद्यान्न की आवाजाही होती रही है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि यदि बड़े पैमाने पर खाद्यान्न का परिवहन हो रहा था तो संबंधित विभागों ने समय रहते जांच या छापामार कार्रवाई क्यों नहीं की।
यह पूरा मामला अब जिले में चर्चा का केंद्र बना हुआ है और लोगों की नजर प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी है।
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