अवैध शराब पर नहीं लग रही लगाम! पांचवें दिन भी गांव-गांव : गड़ोही के ग्रामीणों ने प्रशासन को सौंपा ज्ञापन, कथित शराब बिक्री पर रोक और जांच की मांग; कार्रवाई नहीं हुई तो धरना-प्रदर
Jankranti Express
Sun, Sep 20, 2026
अवैध शराब पर नहीं लग रही लगाम! पांचवें दिन भी गांव-गांव से उठी आवाज

गड़ोही के ग्रामीणों ने प्रशासन को सौंपा ज्ञापन, कथित शराब बिक्री पर रोक और जांच की मांग; कार्रवाई नहीं हुई तो धरना-प्रदर्शन और अनशन की चेतावनी

विनोद कुमार जैन, बकस्वाहा संवाददाता
बकस्वाहा। बकस्वाहा क्षेत्र में कथित अवैध शराब बिक्री को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। पिछले पांच दिनों से अलग-अलग गांवों, महिलाओं और सामाजिक संगठनों की ओर से प्रशासन के समक्ष शिकायतें और ज्ञापन सौंपे जा रहे हैं। शनिवार को ग्राम गड़ोही के ग्रामीणों ने नायब तहसीलदार सुनील केवट और थाना प्रभारी प्रशांत सेन को ज्ञापन सौंपकर कथित अवैध एवं जहरीली शराब की बिक्री पर तत्काल रोक लगाने की मांग की।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि गड़ोही और भड़ाटोर क्षेत्र में कथित रूप से शराब पहुंचाकर बेची जा रही है। कुछ ढाबों और अन्य स्थानों पर भी शराब बिक्री के आरोप लगाए गए। ग्रामीणों का कहना है कि शराब की कथित बिक्री से गांव का माहौल प्रभावित हो रहा है और महिलाओं एवं बच्चियों को शाम के समय परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
डगरई के पास शराब ले जाने का आरोप
ज्ञापन में ग्रामीणों ने 18 सितंबर की रात डगरई के समीप मोटरसाइकिल से कथित रूप से शराब ले जा रहे एक व्यक्ति को पकड़ने और उसका वीडियो बनाए जाने का दावा किया। ग्रामीणों के अनुसार घटना की सूचना डायल-112 पर दी गई, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची। ज्ञापन में पुलिस की कार्रवाई और वाहन को लेकर भी ग्रामीणों ने कुछ आरोप लगाए हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
ग्रामीणों ने कथित शराब बिक्री की जांच कराने, जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने और शराब ठेके के लाइसेंस को लेकर भी जांच की मांग की है। उनका कहना है कि यदि शिकायतों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो वे धरना, प्रदर्शन और अनशन जैसे आंदोलनात्मक कदम उठाएंगे।
पांच दिन से लगातार उठ रही आवाज
बकस्वाहा क्षेत्र में शराब के खिलाफ विरोध का सिलसिला 15 सितंबर से लगातार जारी है।
15 सितंबर: सर्व क्षेत्रीय समाज के लोगों ने ज्ञापन सौंपकर कथित अवैध शराब बिक्री पर रोक लगाने की मांग की।
16 सितंबर: वीरमपुरा की महिलाओं ने नामजद शिकायत के साथ ज्ञापन सौंपते हुए कार्रवाई की मांग उठाई।
17 सितंबर: पौड़ी के ग्रामीणों ने तहसीलदार के प्रतिनिधि और थाना प्रभारी को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में शराब पीने के बाद एक युवक की तबीयत बिगड़ने और उसे दमोह रेफर किए जाने का भी उल्लेख किया गया।
18 सितंबर: मानव भागवती कल्याण समिति और आसपास के ग्रामीणों ने तहसीलदार त्रिलोक सिंह पोषाम को ज्ञापन सौंपकर गांवों तक कथित रूप से शराब पहुंचाए जाने की शिकायत की। ग्रामीणों ने शराब दुकानों के स्टॉक, बिक्री एवं परिवहन रिकॉर्ड की जांच के साथ किराना दुकानों, ढाबों और चाय की दुकानों पर कथित शराब बिक्री की जांच की मांग की थी।
शिकायतों के बीच अब जांच पर नजर
लगातार पांच दिनों से अलग-अलग गांवों और संगठनों की ओर से सामने आ रही शिकायतों ने कथित अवैध शराब बिक्री के मुद्दे को चर्चा में ला दिया है। अब निगाहें प्रशासन और पुलिस की जांच पर हैं कि इन शिकायतों की जांच किस स्तर पर होती है और आरोपों की वास्तविकता क्या सामने आती है।
ग्रामीणों की मांग है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और जांच में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाए, उसके खिलाफ नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
पुलिस का दावा—सूचना मिलते ही कार्रवाई
थाना प्रभारी प्रशांत सेन ने बताया कि अवैध शराब से संबंधित हर सूचना पर पुलिस कार्रवाई कर रही है। उनके अनुसार पिछले दिनों करीब 10 से 12 कार्रवाई की जा चुकी हैं। उन्होंने बताया कि अवैध शराब की सूचना देने के लिए पुलिस की ओर से मोबाइल नंबर भी जारी किया गया है, जिस पर लोग सूचना दे सकते हैं।
वहीं नायब तहसीलदार सुनील केवट ने कहा कि अवैध शराब से संबंधित सूचना मिलने पर तत्काल प्रभाव से कार्रवाई की जाएगी।
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