अवैध शराब के खिलाफ गांव-गांव फूट रहा गुस्सा, पौड़ी के ग : अवैध शराब के खिलाफ गांव-गांव फूट रहा गुस्सा, पौड़ी के ग्रामीणों ने सौंपा ज्ञापन
Jankranti Express
Thu, Sep 17, 2026
अवैध शराब के खिलाफ गांव-गांव फूट रहा गुस्सा, पौड़ी के ग्रामीणों ने सौंपा ज्ञापन

शराब पीने के बाद युवक की तबीयत बिगड़ने का दावा, दमोह रेफर; लगातार तीसरे दिन प्रशासन के दरवाजे पहुंचे ग्रामीण

नामजद शिकायतों का सिलसिला शुरू, तहसीलदार के प्रतिनिधि के बाद थाना प्रभारी को भी सौंपा ज्ञापन

विनोद कुमार जैन, बकस्वाहा संवाददाता
बकस्वाहा। क्षेत्र में कथित अवैध शराब बिक्री के खिलाफ ग्रामीणों का विरोध लगातार तेज होता जा रहा है। बकस्वाहा तहसील क्षेत्र में पिछले तीन दिनों से अलग-अलग गांवों के लोग प्रशासन और पुलिस के सामने पहुंचकर शराब बिक्री पर रोक लगाने की मांग कर रहे हैं। बुधवार को वीरमपुरा की महिलाओं के बाद गुरुवार को ग्राम पौड़ी के बड़ी संख्या में ग्रामीण तहसील कार्यालय पहुंचे और कथित अवैध शराब बिक्री के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

ग्रामीणों ने पहले तहसीलदार के प्रतिनिधि को ज्ञापन सौंपा। इसके बाद वे बकस्वाहा थाना पहुंचे, जहां थाना प्रभारी प्रशांत सेन को भी ज्ञापन सौंपकर गांव में कथित रूप से हो रही अवैध शराब बिक्री की जांच कराने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की मांग की।
शराब सेवन के बाद युवक की तबीयत बिगड़ने का दावा
ग्रामीणों द्वारा दिए गए ज्ञापन में बताया गया है कि 14 सितंबर की रात करीब 2 बजे ग्राम पौड़ी निवासी लक्ष्मण लोधी की अचानक तबीयत बिगड़ गई। उसे उल्टियां होने लगीं। ग्रामीणों के अनुसार, पूछताछ में युवक ने शराब पीने की बात बताई। हालत गंभीर होने पर उसे उपचार के लिए जिला अस्पताल दमोह रेफर किए जाने का उल्लेख भी ज्ञापन में किया गया है।
ज्ञापन में ग्रामीणों ने गांव में कथित शराब बिक्री को लेकर शंकर लोधी पिता करन लोधी और विनोद पिता भागीरथ लोधी के नाम दर्ज कराए हैं। ग्रामीणों ने दोनों के संबंध में जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
शिकायतों में अब सामने आ रहे नाम
ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में शराब बिक्री को लेकर शिकायतों का सिलसिला लगातार आगे बढ़ रहा है। अब ग्रामीण सामान्य शिकायतों के साथ कथित रूप से शराब बिक्री में शामिल लोगों के नाम भी प्रशासन को दिए जा रहे ज्ञापनों में दर्ज करा रहे हैं। इससे मामला और गंभीर होता दिखाई दे रहा है।
तीन दिन में लगातार सामने आया विरोध
क्षेत्र में विरोध की शुरुआत 14 सितंबर को शराब सेवन के बाद तीन लोगों की तबीयत बिगड़ने की खबरों के बाद हुई। इसके बाद 15 सितंबर को सर्व क्षेत्रीय समाज के लोग बड़ी संख्या में तहसील कार्यालय पहुंचे और तहसीलदार व थाना प्रभारी को ज्ञापन सौंपकर कथित अवैध शराब बिक्री पर रोक लगाने की मांग की।
16 सितंबर को वीरमपुरा की महिलाओं ने मोर्चा संभाला। महिलाएं तहसील परिसर पहुंचीं और तहसीलदार तथा थाना प्रभारी को कथित शराब विक्रेताओं के खिलाफ नामजद शिकायत वाला ज्ञापन सौंपा।
अब 17 सितंबर को ग्राम पौड़ी के ग्रामीण भी बड़ी संख्या में एकजुट होकर तहसील कार्यालय पहुंचे। ग्रामीणों ने तहसीलदार के प्रतिनिधि को ज्ञापन सौंपने के बाद थाना प्रभारी को भी ज्ञापन देकर कार्रवाई की मांग की।
गांव-गांव बढ़ता विरोध, प्रशासन से कार्रवाई की मांग
लगातार सामने आ रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच कथित अवैध शराब बिक्री का मुद्दा अब गांव-गांव चर्चा का विषय बनता जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि शराब की बिक्री पर प्रभावी रोक लगाई जाए और शिकायतों की निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि कथित अवैध शराब बिक्री के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो आने वाले दिनों में विरोध और तेज किया जा सकता है।
नोट: शराब बिक्री और युवक की तबीयत बिगड़ने से जुड़े आरोप ग्रामीणों द्वारा दिए गए ज्ञापन पर आधारित हैं। संबंधित आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है।
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