चार दिन से शिक्षक विहीन प्राथमिक शाला, 41 बच्चों की पढ़ : चार दिन से शिक्षक विहीन प्राथमिक शाला, 41 बच्चों की पढ़ाई प्रभावित
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Fri, Sep 18, 2026
चार दिन से शिक्षक विहीन प्राथमिक शाला, 41 बच्चों की पढ़ाई प्रभावित

एकमात्र शिक्षक के प्रशिक्षण में जाने के बाद नहीं हो सकी वैकल्पिक व्यवस्था, बच्चों के खुद स्कूल खोलने की सामने आई जानकारी

विनोद कुमार जैन, बकस्वाहा संवाददाता
बकस्वाहा। जनपद शिक्षा केंद्र बकस्वाहा के अंतर्गत ग्राम पंचायत सनौदा-गेवलारी की प्राथमिक शाला में शिक्षक की अनुपस्थिति के चलते पिछले चार दिनों से अध्यापन प्रभावित होने का मामला सामने आया है। विद्यालय में कक्षा 1 से 5 तक 41 विद्यार्थी दर्ज हैं। विद्यालय में पदस्थ एकमात्र शिक्षक वासुदेव प्रसाद यादव के प्रशिक्षण में जाने के बाद वैकल्पिक व्यवस्था नहीं होने से बच्चों की नियमित पढ़ाई प्रभावित होने की बात
सामने आई है।
स्थानीय ग्रामीणों और विद्यार्थियों के अनुसार बच्चे रोज स्कूल पहुंच रहे हैं, लेकिन शिक्षक के नहीं मिलने पर वे स्वयं विद्यालय खोलकर किताबों के साथ बैठते हैं और करीब 1 बजे तक स्कूल में रहने के बाद वापस घर लौट जाते हैं। हालांकि, पूरे मामले में शिक्षा विभाग के अधिकारियों द्वारा अब वैकल्पिक शिक्षक की व्यवस्था किए जाने की जानकारी दी गई है।
41 विद्यार्थियों के लिए एक ही शिक्षक
विद्यालय में कक्षा 1 में 12, कक्षा 2 में 9, कक्षा 3 में 7, कक्षा 4 में 4 और कक्षा 5 में 9 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। विद्यालय में पदस्थ शिक्षक वासुदेव प्रसाद यादव के अनुसार उन्हें 15 से 18 सितंबर तक एफएलएन प्रशिक्षण में शामिल होने के लिए भेजा गया है। प्रशिक्षण का समय सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक बताया गया है।
शिक्षक ने बताया कि उन्होंने प्रशिक्षण में जाने की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को पहले ही दे दी थी। साथ ही संकुल के वाट्सएप समूह में भी सूचना साझा की थी। उनके अनुसार विद्यालय में वैकल्पिक शिक्षक की व्यवस्था करने का अनुरोध भी अधिकारियों से किया गया था।
विद्यार्थियों ने बताई स्कूल की स्थिति
विद्यार्थियों का कहना है कि वे प्रतिदिन स्कूल आते हैं, लेकिन शिक्षक नहीं मिलने पर स्वयं स्कूल खोलकर बैठते हैं। बच्चे अपनी किताबों से पढ़ाई करते हैं और दोपहर करीब 1 बजे विद्यालय बंद कर घर चले जाते हैं। ग्रामीणों ने विद्यालय में नियमित अध्यापन व्यवस्था सुनिश्चित किए जाने की मांग की है।
अतिथि शिक्षक की व्यवस्था को लेकर भी सवाल
मामले में यह भी सामने आया कि विद्यालय एक शिक्षकीय शाला है। ग्रामीणों का कहना है कि ऐसी स्थिति में एकमात्र शिक्षक के प्रशिक्षण पर जाने से पहले वैकल्पिक व्यवस्था की जानी चाहिए थी, ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो।
हालांकि, अतिथि शिक्षक का पद स्वीकृत अथवा खोले जाने से संबंधित व्यवस्था को लेकर अंतिम स्थिति शिक्षा विभाग के स्तर पर स्पष्ट की जानी बाकी है।
अधिकारियों ने दिए जांच और व्यवस्था के निर्देश
वीआरसीसी चंद्र विजय बुन्देली ने बताया कि मामले में पत्र जारी कर जानकारी मांगी गई है और सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया जाएगा।
ब्लॉक शिक्षा अधिकारी पवन राय ने मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि एक शिक्षकीय शाला में वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने बताया कि मामले में संबंधित को नोटिस जारी करने की कार्रवाई की जाएगी।
वहीं प्रभारी संकुल प्राचार्य राघव नापित ने बताया कि संकुल प्राचार्य अरविंद तिवारी मेडिकल अवकाश पर हैं और उन्हें दो दिन पहले ही प्रभार मिला है। उनके अनुसार उन्होंने वाट्सएप ग्रुप एवं व्यक्तिगत रूप से शिक्षक दिनेश यादव को गेवलारी में अध्यापन व्यवस्था के लिए शिक्षक अंशित शुक्ला को भेजने के निर्देश दिए थे। जानकारी मिलने पर कि संबंधित शिक्षक विद्यालय नहीं पहुंचे, उन्होंने इसका कारण पता कर कार्रवाई की बात कही। साथ ही तत्काल प्रभाव से गणेश प्रजापति को अध्ययन कार्य के लिए भेजने की जानकारी दी।
संकुल अकादमिक समन्वयक राकेश तिवारी ने बताया कि उन्हें मामले की जानकारी मिली है। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया जाएगा और जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल विभाग द्वारा वैकल्पिक शिक्षक भेजने की जानकारी दी गई है। अब देखना होगा कि विद्यालय में नियमित अध्यापन व्यवस्था कितनी जल्दी बहाल होती है और 41 विद्यार्थियों की पढ़ाई सुचारु रूप से संचालित हो पाती है।
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