बक्सवाहा में राशन घोटाले के आरोप पर बवाल: 200 से ज्यादा हितग्राहियों क : बक्सवाहा में राशन घोटाले के आरोप पर बवाल: 200 से ज्यादा हितग्राहियों का हंगामा, पूछा
Jankranti Express
Mon, Aug 3, 2026
बक्सवाहा में राशन घोटाले के आरोप पर बवाल: 200 से ज्यादा हितग्राहियों का हंगामा, पूछा—'चार माह का राशन कहाँ गया?'

बक्सवाहा |रिपोर्टर विनोद कुमार जैन
बक्सवाहा विकासखंड की बाजना सेवा सहकारी समिति के अंतर्गत संचालित निमानी उचित मूल्य दुकान पर सोमवार को उस समय हंगामा खड़ा हो गया, जब पांच गांवों से पहुंचे 200 से अधिक हितग्राहियों ने राशन वितरण में कथित अनियमितताओं के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले तीन से चार माह से उन्हें शासन का निर्धारित राशन नहीं मिला, जबकि फिंगर मशीन पर अंगूठे लगवाकर रिकॉर्ड में राशन वितरण दर्शा दिया गया।
ग्रामीणों ने सेल्समेन और समिति प्रबंधक को तत्काल हटाने, पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की।
अंगूठे लगवाए, लेकिन नहीं मिला राशन
प्रदर्शन कर रहे हितग्राहियों का आरोप है कि मई, जून और जुलाई सहित कई महीनों का राशन अब तक नहीं मिला। उनका कहना है कि राशन दुकान अधिकांश समय बंद रहती है और सेल्समेन अरविंद शुक्ला कभी-कभार आकर केवल 10 से 20 लोगों को राशन वितरित कर दुकान बंद कर देते हैं। इससे अधिकांश हितग्राही खाली हाथ लौटने को मजबूर हो जाते हैं।
ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि गांव-गांव जाकर फिंगर मशीन पर अंगूठे लगवाए गए, लेकिन बदले में खाद्यान्न नहीं दिया गया।
मौके पर पहुंचे तहसीलदार, जांच शुरू
बढ़ते विरोध की सूचना मिलने पर तहसीलदार सुनील केवट मौके पर पहुंचे। उन्होंने हितग्राहियों की शिकायतें सुनीं और खाद्य अधिकारी सुगंधी जैन को बुलाकर स्टॉक एवं वितरण रजिस्टर की जांच कराई। अधिकारियों ने निष्पक्ष जांच कर नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया।

ग्रामीणों ने लगाए गंभीर आरोप
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि:
महीनों से पात्र परिवारों को राशन नहीं मिला।
फिंगर लगवाकर वितरण का रिकॉर्ड बनाया गया।
प्रति किलो एक रुपये तक अतिरिक्त राशि वसूले जाने का आरोप।
राशन दुकान अधिकतर समय बंद रहती है।
शिकायतों के बावजूद अब तक प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।
जनप्रतिनिधियों ने भी उठाई कार्रवाई की मांग
सरपंच प्रतिनिधि जगदीश यादव और जनप्रतिनिधि मिलन यादव ने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं। उन्होंने प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई और सभी पात्र हितग्राहियों को लंबित राशन तत्काल उपलब्ध कराने की मांग की।
सबसे बड़ा सवाल
प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से सवाल किया कि यदि कई महीनों से हितग्राहियों को राशन नहीं मिला, तो सरकारी रिकॉर्ड में खाद्यान्न किसे वितरित दिखाया गया? और यदि फिंगर मशीन पर अंगूठे लग चुके हैं, तो गरीबों के हिस्से का अनाज आखिर गया कहाँ?
फिलहाल पूरे मामले की प्रशासनिक जांच जारी है। जांच के बाद ही आरोपों की पुष्टि या खंडन हो सकेगा।
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