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दमोह। जिले के सिंग्रामपुर क्षेत्र से जनहित से जुड़ा एक मामला सामने आ : एक व्यक्ति की मृत्यु के बाद परिजनों को

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Thu, Aug 20, 2026

सिंग्रामपुर में अंतिम संस्कार के लिए भी नदी पार करने की मजबूरी, पुल की कमी से परिजनों को घंटों करना पड़ा इंतजार

सिंग्रामपुर में अंतिम संस्कार के लिए भी नदी पार करने की मजबूरी, पुल की कमी से परिजनों को घंटों करना पड़ा इंतजार  दमोह। जिले के सिंग्रामपुर क्षेत्र से जनहित से जुड़ा एक मामला सामने आया है, जहां एक व्यक्ति की मृत्यु के बाद परिजनों को अंतिम संस्कार के लिए भी नदी पार करने की कठिन परिस्थिति से गुजरना पड़ा। बताया जा रहा है कि मुक्तिधाम तक पहुंचने के लिए पुल की सुविधा नहीं होने के कारण शव को नदी के दूसरी ओर ले जाने में परेशानी हुई।  स्थानीय जानकारी के अनुसार, परिजनों को करीब पांच घंटे तक इंतजार करना पड़ा। इसके बाद नदी पार कर शव को मुक्तिधाम तक ले जाया गया, जहां अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की गई।  बारिश के मौसम में नदी और जलभराव के कारण आवागमन की समस्या और बढ़ जाती है। ऐसे में ग्रामीणों का कहना है कि सामान्य आवागमन के साथ-साथ आपातकालीन परिस्थितियों और अंतिम संस्कार जैसे संवेदनशील अवसरों पर भी लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।  यह मामला क्षेत्र में बुनियादी आवागमन सुविधाओं को लेकर सवाल खड़े करता है। स्थानीय लोगों की मांग है कि संबंधित विभाग इस समस्या का स्थायी समाधान तलाशे और मुक्तिधाम तक सुरक्षित पहुंच के लिए आवश्यक पुल या वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था की जाए।  जनहित में सवाल: क्या सिंग्रामपुर क्षेत्र के लोगों को ऐसी परिस्थितियों से स्थायी राहत मिल पाएगी? संबंधित विभाग और प्रशासन की ओर से इस समस्या के समाधान के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं, यह देखना महत्वपूर्ण होगा।  नोट: खबर स्थानीय स्तर से प्राप्त जानकारी के आधार पर तैयार की गई है। प्रशासन या संबंधित विभाग का आधिकारिक पक्ष सामने आने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।सिंग्रामपुर में अंतिम संस्कार के लिए भी नदी पार करने की मजबूरी, पुल की कमी से परिजनों को घंटों करना पड़ा इंतजार  दमोह। जिले के सिंग्रामपुर क्षेत्र से जनहित से जुड़ा एक मामला सामने आया है, जहां एक व्यक्ति की मृत्यु के बाद परिजनों को अंतिम संस्कार के लिए भी नदी पार करने की कठिन परिस्थिति से गुजरना पड़ा। बताया जा रहा है कि मुक्तिधाम तक पहुंचने के लिए पुल की सुविधा नहीं होने के कारण शव को नदी के दूसरी ओर ले जाने में परेशानी हुई।  स्थानीय जानकारी के अनुसार, परिजनों को करीब पांच घंटे तक इंतजार करना पड़ा। इसके बाद नदी पार कर शव को मुक्तिधाम तक ले जाया गया, जहां अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की गई।  बारिश के मौसम में नदी और जलभराव के कारण आवागमन की समस्या और बढ़ जाती है। ऐसे में ग्रामीणों का कहना है कि सामान्य आवागमन के साथ-साथ आपातकालीन परिस्थितियों और अंतिम संस्कार जैसे संवेदनशील अवसरों पर भी लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।  यह मामला क्षेत्र में बुनियादी आवागमन सुविधाओं को लेकर सवाल खड़े करता है। स्थानीय लोगों की मांग है कि संबंधित विभाग इस समस्या का स्थायी समाधान तलाशे और मुक्तिधाम तक सुरक्षित पहुंच के लिए आवश्यक पुल या वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था की जाए।  जनहित में सवाल: क्या सिंग्रामपुर क्षेत्र के लोगों को ऐसी परिस्थितियों से स्थायी राहत मिल पाएगी? संबंधित विभाग और प्रशासन की ओर से इस समस्या के समाधान के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं, यह देखना महत्वपूर्ण होगा।  नोट: खबर स्थानीय स्तर से प्राप्त जानकारी के आधार पर तैयार की गई है। प्रशासन या संबंधित विभाग का आधिकारिक पक्ष सामने आने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।

दमोह। जिले के सिंग्रामपुर क्षेत्र से जनहित से जुड़ा एक मामला सामने आया है, जहां एक व्यक्ति की मृत्यु के बाद परिजनों को अंतिम संस्कार के लिए भी नदी पार करने की कठिन परिस्थिति से गुजरना पड़ा। बताया जा रहा है कि मुक्तिधाम तक पहुंचने के लिए पुल की सुविधा नहीं होने के कारण शव को नदी के दूसरी ओर ले जाने में परेशानी हुई।

स्थानीय जानकारी के अनुसार, परिजनों को करीब पांच घंटे तक इंतजार करना पड़ा। इसके बाद नदी पार कर शव को मुक्तिधाम तक ले जाया गया, जहां अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की गई।

सिंग्रामपुर में अंतिम संस्कार के लिए भी नदी पार करने की मजबूरी, पुल की कमी से परिजनों को घंटों करना पड़ा इंतजार  दमोह। जिले के सिंग्रामपुर क्षेत्र से जनहित से जुड़ा एक मामला सामने आया है, जहां एक व्यक्ति की मृत्यु के बाद परिजनों को अंतिम संस्कार के लिए भी नदी पार करने की कठिन परिस्थिति से गुजरना पड़ा। बताया जा रहा है कि मुक्तिधाम तक पहुंचने के लिए पुल की सुविधा नहीं होने के कारण शव को नदी के दूसरी ओर ले जाने में परेशानी हुई।  स्थानीय जानकारी के अनुसार, परिजनों को करीब पांच घंटे तक इंतजार करना पड़ा। इसके बाद नदी पार कर शव को मुक्तिधाम तक ले जाया गया, जहां अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की गई।  बारिश के मौसम में नदी और जलभराव के कारण आवागमन की समस्या और बढ़ जाती है। ऐसे में ग्रामीणों का कहना है कि सामान्य आवागमन के साथ-साथ आपातकालीन परिस्थितियों और अंतिम संस्कार जैसे संवेदनशील अवसरों पर भी लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।  यह मामला क्षेत्र में बुनियादी आवागमन सुविधाओं को लेकर सवाल खड़े करता है। स्थानीय लोगों की मांग है कि संबंधित विभाग इस समस्या का स्थायी समाधान तलाशे और मुक्तिधाम तक सुरक्षित पहुंच के लिए आवश्यक पुल या वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था की जाए।  जनहित में सवाल: क्या सिंग्रामपुर क्षेत्र के लोगों को ऐसी परिस्थितियों से स्थायी राहत मिल पाएगी? संबंधित विभाग और प्रशासन की ओर से इस समस्या के समाधान के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं, यह देखना महत्वपूर्ण होगा।  नोट: खबर स्थानीय स्तर से प्राप्त जानकारी के आधार पर तैयार की गई है। प्रशासन या संबंधित विभाग का आधिकारिक पक्ष सामने आने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।सिंग्रामपुर में अंतिम संस्कार के लिए भी नदी पार करने की मजबूरी, पुल की कमी से परिजनों को घंटों करना पड़ा इंतजार  दमोह। जिले के सिंग्रामपुर क्षेत्र से जनहित से जुड़ा एक मामला सामने आया है, जहां एक व्यक्ति की मृत्यु के बाद परिजनों को अंतिम संस्कार के लिए भी नदी पार करने की कठिन परिस्थिति से गुजरना पड़ा। बताया जा रहा है कि मुक्तिधाम तक पहुंचने के लिए पुल की सुविधा नहीं होने के कारण शव को नदी के दूसरी ओर ले जाने में परेशानी हुई।  स्थानीय जानकारी के अनुसार, परिजनों को करीब पांच घंटे तक इंतजार करना पड़ा। इसके बाद नदी पार कर शव को मुक्तिधाम तक ले जाया गया, जहां अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की गई।  बारिश के मौसम में नदी और जलभराव के कारण आवागमन की समस्या और बढ़ जाती है। ऐसे में ग्रामीणों का कहना है कि सामान्य आवागमन के साथ-साथ आपातकालीन परिस्थितियों और अंतिम संस्कार जैसे संवेदनशील अवसरों पर भी लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।  यह मामला क्षेत्र में बुनियादी आवागमन सुविधाओं को लेकर सवाल खड़े करता है। स्थानीय लोगों की मांग है कि संबंधित विभाग इस समस्या का स्थायी समाधान तलाशे और मुक्तिधाम तक सुरक्षित पहुंच के लिए आवश्यक पुल या वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था की जाए।  जनहित में सवाल: क्या सिंग्रामपुर क्षेत्र के लोगों को ऐसी परिस्थितियों से स्थायी राहत मिल पाएगी? संबंधित विभाग और प्रशासन की ओर से इस समस्या के समाधान के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं, यह देखना महत्वपूर्ण होगा।  नोट: खबर स्थानीय स्तर से प्राप्त जानकारी के आधार पर तैयार की गई है। प्रशासन या संबंधित विभाग का आधिकारिक पक्ष सामने आने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।

बारिश के मौसम में नदी और जलभराव के कारण आवागमन की समस्या और बढ़ जाती है। ऐसे में ग्रामीणों का कहना है कि सामान्य आवागमन के साथ-साथ आपातकालीन परिस्थितियों और अंतिम संस्कार जैसे संवेदनशील अवसरों पर भी लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।

यह मामला क्षेत्र में बुनियादी आवागमन सुविधाओं को लेकर सवाल खड़े करता है। स्थानीय लोगों की मांग है कि संबंधित विभाग इस समस्या का स्थायी समाधान तलाशे और मुक्तिधाम तक सुरक्षित पहुंच के लिए आवश्यक पुल या वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था की जाए।

जनहित में सवाल: क्या सिंग्रामपुर क्षेत्र के लोगों को ऐसी परिस्थितियों से स्थायी राहत मिल पाएगी? संबंधित विभाग और प्रशासन की ओर से इस समस्या के समाधान के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं, यह देखना महत्वपूर्ण होगा।

नोट: खबर स्थानीय स्तर से प्राप्त जानकारी के आधार पर तैयार की गई है। प्रशासन या संबंधित विभाग का आधिकारिक पक्ष सामने आने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।

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