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: वृक्षारोपण के नाम पर बकस्वाहा जनपद में धांधली: चौदह रुपये के पेड़, पंचायतों में बिल लगाए जा रहे दो सौ रुपये के

admin

Tue, Aug 13, 2024
वृक्षारोपण के नाम पर बकस्वाहा जनपद में धांधली: चौदह रुपये के पेड़, पंचायतों में बिल लगाए जा रहे दो सौ रुपये के विनोद कुमार जैन   *बकस्वाहा*: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा चलाए जा रहे 'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान के तहत लोगों को वृक्षारोपण के प्रति जागरूक करने के प्रयास जारी हैं, लेकिन जनपद पंचायत बकस्वाहा की कुछ पंचायतें इस मुहिम को अपने तरीके से इस्तेमाल कर रही हैं। यह पंचायतें वृक्षारोपण के नाम पर फर्जी बिल बनाकर शासन को लाखों रुपये का चूना लगा रही हैं।    क्या है मामला  जनपद पंचायत बकस्वाहा की विभिन्न पंचायतों द्वारा वृक्षारोपण के लिए महंगे पौधों के बिल लगाए गए हैं, जिनमें दरें सामान्य से कई गुना अधिक हैं। उदाहरण के लिए, मझगुवां धाटी पंचायत ने 4975 रुपये, घोघरा पंचायत ने 4425 रुपये, और महुटा पंचायत ने 4425 रुपये के वृक्षारोपण के बिल प्रस्तुत किए हैं। इन बिलों में पौधों की दरें निम्न प्रकार से बताई गई हैं: बरगद200 रुपये प्रति पौधा पीपल 200 रुपये प्रति पौधा करंज70 रुपये प्रति पौध- जामुन 50 रुपये प्रति पौधा अमरूद 50 रुपये प्रति पौधा मुंगा50 रुपये प्रति पौधा आंवला50 रुपये प्रति पौधा कटहल: 50 रुपये प्रति पौधा सीताफल 50 रुपये प्रति पौधा देशी आम80 रुपये प्रति पौधा ग्राफ्टेड आम 100-150 रुपये प्रति पौधा पपीता रेड लेडी30 रुपये प्रति पौधा बेर-60 रुपये प्रति पौधा लेकिन इस मामले की हकीकत कुछ और ही है। मडदेवरा और पाडाझिर की अन्य नर्सरियों में यही पौधे मात्र 14 रुपये प्रति पौधा की दर से उपलब्ध कराए जा रहे हैं। जनपद पंचायत का पक्ष: इस मामले में जनपद पंचायत के एपीओ (सहायक परियोजना अधिकारी) पवन जी का कहना है कि पौधों की दरें उनकी ऊंचाई के आधार पर तय होती हैं। फिर भी, यदि इस मामले में कोई गड़बड़ी पाई जाती है, तो इसकी जाँच की जाएगी। यह मामला साफ दर्शाता है कि जनपद पंचायत बकस्वाहा में वृक्षारोपण के नाम पर किस तरह से धन का दुरुपयोग हो रहा है। जहाँ एक ओर प्रधानमंत्री द्वारा वृक्षारोपण को प्रोत्साहित किया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर इस प्रकार की धांधली शासन की नीतियों को कमजोर कर रही है।    सरकार को इस मामले में तत्काल प्रभाव से जांच कर कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की धोखाधड़ी न हो सके और जनता का विश्वास बरकरार रहे।

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