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: हीरे की माटी, लेकिन सुविधाओं से वंचित: निमानी में सामुदायिक भवन की मांग

admin

Sat, Aug 10, 2024
हीरे की धरती पर सामुदायिक भवन का अभाव: निमानी के ग्रामीणों की पीड़ा   हीरे के खजाने पर बसा निमानी, लेकिन सार्वजनिक भवन के लिए तरसते ग्रामीण   हीरे की माटी, लेकिन सुविधाओं से वंचित: निमानी में सामुदायिक भवन की मांग विनोद कुमार जैन, वकस्वाहा:- मध्यप्रदेश के वकस्वाहा जनपद क्षेत्र की ग्राम पंचायत निमानी, जो हीरे की अपार संपदा के लिए जानी जाती है, एक गंभीर समस्या का सामना कर रही है। विडंबना यह है कि इस हीरे की धरती पर बसे ग्रामीण बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं। हीरे के खजाने पर बसा यह गांव, जहां से विश्वभर में हीरों की आपूर्ति होती है, यहां के निवासियों को आज भी एक सामुदायिक भवन के लिए जद्दोजहद करनी पड़ रही है। ग्रामवासियों की व्यथा: निमानी के ग्रामीण, जिनमें सरिया अहिरवार, गणेश लोधी, रज्जू आदिवासी, खिलन आदिवासी, और लखन लोधी जैसे प्रमुख लोग शामिल हैं, इस बात पर खेद जताते हैं कि उनके गांव में जहां हीरे जैसी अनमोल धरोहर मिलती है, वहीं सार्वजनिक कार्यों के लिए एक भी सामुदायिक भवन उपलब्ध नहीं है। इन ग्रामीणों का कहना है कि जब भी गांव में कोई बड़ा सामाजिक या धार्मिक कार्यक्रम होता है, तो स्थान की कमी के कारण उन्हें अत्यधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।  विशिष्ट घटना: इस संदर्भ में गांव के परमा अहिरवार की बेटी क्रांति अहिरवार की शादी का उल्लेख किया जा सकता है, जब अचानक हुई बारिश ने उनके द्वारा किए गए सभी इंतजामों को ध्वस्त कर दिया। उस समय गांववालों ने मिलकर स्कूल प्रांगण में विवाह संपन्न कराया, लेकिन यह घटना इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि निमानी में एक सामुदायिक भवन कितना जरूरी है।  गरीब परिवारों की समस्या: गांव के रज्जू आदिवासी ने बताया कि निमानी में गरीब परिवारों के पास अपने घरों में सार्वजनिक कार्यों के लिए उचित स्थान नहीं है। "हम हीरे की इस माटी पर रहते हैं, लेकिन हमारे पास अपने सामाजिक कार्यों को संपन्न करने के लिए एक भी भवन नहीं है," उन्होंने कहा।  सरपंच को ज्ञापन: ग्राम के खिलन आदिवासी ने बताया कि उन्होंने और अन्य ग्रामीणों ने कई बार सरपंच को सामुदायिक भवन के निर्माण के लिए ज्ञापन सौंपे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर उनकी मांगों को जल्द ही पूरा नहीं किया गया, तो वे आगामी सरपंच चुनाव में वोट नहीं देंगे। सरपंच और सचिव का पक्ष: ग्राम पंचायत निमानी की सरपंच, लक्ष्मी जगदीश यादव ने बताया कि उन्होंने कई बार जनपद और जिला अधिकारियों से इस संबंध में अनुरोध किया है, लेकिन उन्हें सिर्फ यह कहा गया कि मांग को उच्च स्तर पर भेजा गया है। वहीं, पंचायत सचिव महेश शुक्ला ने बताया कि ग्रामीणों का ज्ञापन वरिष्ठ अधिकारियों को सौंपा जाएगा और मंजूरी मिलते ही सामुदायिक भवन का निर्माण आरंभ किया जाएगा। निष्कर्ष: हीरे की माटी पर बसे निमानी के निवासियों की यह मांग सिर्फ एक सामुदायिक भवन की नहीं है, बल्कि उनके सामाजिक जीवन के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण आवश्यकता है। प्रशासन को इस मुद्दे को प्राथमिकता देते हुए शीघ्र ही सामुदायिक भवन का निर्माण सुनिश्चित करना चाहिए, ताकि इस समृद्ध भूमि के लोग अपने सामाजिक कार्यों को बिना किसी अवरोध के संपन्न कर सकें।

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