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Sat, Sep 5, 2026
दमोह की प्रथम महिला शिक्षक बनीं शीला पटेल, शिक्षा के क्षेत्र में रचा इतिहास

लगातार तीन वर्षों में राज्यपाल और राष्ट्रपति से सम्मानित होकर बढ़ाया दमोह जिले का गौरव
दमोह। शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य और कर्तव्यनिष्ठा के लिए शिक्षिका श्रीमती शीला पटेल ने दमोह जिले के इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ दिया है। अपनी मेहनत, लगन और समर्पण के बल पर उन्होंने लगातार तीन वर्षों तक राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान प्राप्त कर जिले का नाम रोशन किया है।
श्रीमती शीला पटेल को वर्ष 2024 में राज्यपाल, वर्ष 2025 में राष्ट्रपति तथा वर्ष 2026 में पुनः राज्यपाल द्वारा सम्मानित किए जाने का गौरव प्राप्त हुआ है। लगातार तीन वर्षों तक प्रतिष्ठित सम्मान प्राप्त करना उनके उत्कृष्ट शैक्षणिक कार्य और शिक्षा के प्रति समर्पण को दर्शाता है।
शीला पटेल ने अपने कार्यकाल के दौरान विद्यार्थियों की शिक्षा के साथ-साथ उनके सर्वांगीण विकास पर विशेष जोर दिया। उनके प्रयासों और नवाचारों ने शिक्षा के क्षेत्र में सकारात्मक प्रभाव छोड़ा, जिसके चलते उन्हें विभिन्न स्तरों पर सम्मानित किया गया।
उनकी इस उपलब्धि को दमोह जिले के लिए गौरवपूर्ण क्षण माना जा रहा है। श्रीमती शीला पटेल की सफलता न केवल महिला शिक्षकों के लिए प्रेरणा है, बल्कि शिक्षा के क्षेत्र में पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ कार्य करने वालों के लिए भी मिसाल बनकर सामने आई है।
लगातार तीन वर्षों तक सम्मानित होकर शीला पटेल ने यह साबित किया है कि मेहनत, लगन और कर्तव्यनिष्ठा के साथ शिक्षा के क्षेत्र में किए गए प्रयास निश्चित रूप से नई पहचान दिलाते हैं।
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