ब्रेकिंग

सूने मकान का ताला तोड़कर चोरी की वारदात का खुलासा, करीब 80 हजार रुपये का माल बरामद; एक आरोपी फरार हटा। थाना हटा क्षेत्र

घर के बाहर बंधी भैंस चोरी, CCTV में कैद हुई वारदात

एक माह से चल रहे हरे राम महामंत्र संकीर्तन का हुआ समापन, भंडारे में श्रद्धालुओं ने ग्रहण की प्रसादी

स्टीयरिंग फेल होने से पलटी ट्रैक्टर-ट्रॉली, 9 घायल

बांदकपुर में बारिश के बाद जलभराव, श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों की बढ़ी परेशानी

Advertisment

खबरों के लिए संपर्क करें विज्ञापन के लिए संपर्क करें 8839573867,9406954088

79 वे स्वतंत्रता दिवस की आप सभी को हार्दिक बधाई शुभकामनाएं

बेरखेड़ी पुलिया विवाद: वायरल वीडियो के बाद कांग्रेस नेता पहुंचे मौके प : बेरखेड़ी पुलिया विवाद: वायरल वीडियो के बाद कांग्रेस नेता पहुंचे मौके पर, अब जनता पूछ रही—कब मिलेगी राहत? बेरखेड़ी। बेरख

Jankranti Express

Sun, Aug 9, 2026

बेरखेड़ी पुलिया विवाद: वायरल वीडियो के बाद कांग्रेस नेता पहुंचे मौके पर, अब जनता पूछ रही—कब मिलेगी राहत?

बेरखेड़ी पुलिया विवाद: वायरल वीडियो के बाद कांग्रेस नेता पहुंचे मौके पर, अब जनता पूछ रही—कब मिलेगी राहत?  बेरखेड़ी। बेरखेड़ी ग्राम में क्षतिग्रस्त पुलिया से छात्र-छात्राओं के आवागमन का वीडियो वायरल होने के बाद राजनीतिक हलचल भी तेज हो गई है। वायरल वीडियो सामने आने के बाद कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और वहां की तस्वीरें एवं वीडियो सामने रखे।  कांग्रेस नेताओं का दावा है कि वायरल वीडियो में दिखाई गई स्थिति वास्तविक है और मौके पर पहुंचकर उन्होंने इसकी पुष्टि की है। कांग्रेस ने भाजपा नेता एवं विधायक गोपाल भार्गव के हालिया बयानों पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि क्षेत्र की समस्या को छिपाया नहीं जा सकता।  कांग्रेस की ओर से कहा गया कि जिस स्थान पर पुलिया क्षतिग्रस्त है, उसके समीप नए पुल का निर्माण कार्य चल रहा है, लेकिन निर्माण अवधि में आम लोगों और विशेषकर विद्यार्थियों के आवागमन के लिए सुरक्षित वैकल्पिक व्यवस्था होना जरूरी है। कांग्रेस का आरोप है कि मौजूदा स्थिति में छात्र-छात्राएं जोखिम उठाकर टूटी पुलिया से निकलने को मजबूर हैं।  वहीं, कांग्रेस ने यह भी कहा कि छात्राओं द्वारा अपनी समस्या उठाना किसी राजनीतिक उद्देश्य से नहीं था, बल्कि परेशानी के चलते उन्होंने अपनी आवाज सामने रखी।  इस पूरे मामले में अब राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच जनता का सीधा सवाल यह है कि समस्या का समाधान कब होगा?  वायरल वीडियो सामने आने के बाद कांग्रेस नेताओं का घटनास्थल पर पहुंचना भी चर्चा का विषय बना हुआ है। सवाल यह उठ रहा है कि यदि समस्या पहले से मौजूद थी तो राजनीतिक दलों के जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता पहले ही मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लेकर प्रशासन के सामने समस्या क्यों नहीं रखते?  दूसरी ओर, भाजपा की ओर से निर्माणाधीन पुल के चलते वैकल्पिक व्यवस्था और मौजूदा स्थिति को लेकर क्या जवाब दिया जाता है, यह भी महत्वपूर्ण होगा।  अब देखने वाली बात यह होगी कि क्या दोनों दलों के नेता और कार्यकर्ता आरोप-प्रत्यारोप से आगे बढ़कर प्रशासन के साथ मिलकर जल्द सुरक्षित आवागमन की व्यवस्था करवाने की पहल करते हैं, या फिर मामला राजनीतिक बयानबाजी और मौके पर फोटो-वीडियो तक ही सीमित रह जाता है।  फिलहाल बेरखेड़ी के ग्रामीणों, विद्यार्थियों और उनके परिजनों की प्राथमिकता राजनीति नहीं, बल्कि सुरक्षित रास्ता और जल्द समाधान है। जनता को अब आश्वासन नहीं, बल्कि काम पूरा होने और सुरक्षित मार्ग उपलब्ध होने का इंतजार है।

बेरखेड़ी। बेरखेड़ी ग्राम में क्षतिग्रस्त पुलिया से छात्र-छात्राओं के आवागमन का वीडियो वायरल होने के बाद राजनीतिक हलचल भी तेज हो गई है। वायरल वीडियो सामने आने के बाद कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और वहां की तस्वीरें एवं वीडियो सामने रखे।

बेरखेड़ी पुलिया विवाद: वायरल वीडियो के बाद कांग्रेस नेता पहुंचे मौके पर, अब जनता पूछ रही—कब मिलेगी राहत?  बेरखेड़ी। बेरखेड़ी ग्राम में क्षतिग्रस्त पुलिया से छात्र-छात्राओं के आवागमन का वीडियो वायरल होने के बाद राजनीतिक हलचल भी तेज हो गई है। वायरल वीडियो सामने आने के बाद कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और वहां की तस्वीरें एवं वीडियो सामने रखे।  कांग्रेस नेताओं का दावा है कि वायरल वीडियो में दिखाई गई स्थिति वास्तविक है और मौके पर पहुंचकर उन्होंने इसकी पुष्टि की है। कांग्रेस ने भाजपा नेता एवं विधायक गोपाल भार्गव के हालिया बयानों पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि क्षेत्र की समस्या को छिपाया नहीं जा सकता।  कांग्रेस की ओर से कहा गया कि जिस स्थान पर पुलिया क्षतिग्रस्त है, उसके समीप नए पुल का निर्माण कार्य चल रहा है, लेकिन निर्माण अवधि में आम लोगों और विशेषकर विद्यार्थियों के आवागमन के लिए सुरक्षित वैकल्पिक व्यवस्था होना जरूरी है। कांग्रेस का आरोप है कि मौजूदा स्थिति में छात्र-छात्राएं जोखिम उठाकर टूटी पुलिया से निकलने को मजबूर हैं।  वहीं, कांग्रेस ने यह भी कहा कि छात्राओं द्वारा अपनी समस्या उठाना किसी राजनीतिक उद्देश्य से नहीं था, बल्कि परेशानी के चलते उन्होंने अपनी आवाज सामने रखी।  इस पूरे मामले में अब राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच जनता का सीधा सवाल यह है कि समस्या का समाधान कब होगा?  वायरल वीडियो सामने आने के बाद कांग्रेस नेताओं का घटनास्थल पर पहुंचना भी चर्चा का विषय बना हुआ है। सवाल यह उठ रहा है कि यदि समस्या पहले से मौजूद थी तो राजनीतिक दलों के जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता पहले ही मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लेकर प्रशासन के सामने समस्या क्यों नहीं रखते?  दूसरी ओर, भाजपा की ओर से निर्माणाधीन पुल के चलते वैकल्पिक व्यवस्था और मौजूदा स्थिति को लेकर क्या जवाब दिया जाता है, यह भी महत्वपूर्ण होगा।  अब देखने वाली बात यह होगी कि क्या दोनों दलों के नेता और कार्यकर्ता आरोप-प्रत्यारोप से आगे बढ़कर प्रशासन के साथ मिलकर जल्द सुरक्षित आवागमन की व्यवस्था करवाने की पहल करते हैं, या फिर मामला राजनीतिक बयानबाजी और मौके पर फोटो-वीडियो तक ही सीमित रह जाता है।  फिलहाल बेरखेड़ी के ग्रामीणों, विद्यार्थियों और उनके परिजनों की प्राथमिकता राजनीति नहीं, बल्कि सुरक्षित रास्ता और जल्द समाधान है। जनता को अब आश्वासन नहीं, बल्कि काम पूरा होने और सुरक्षित मार्ग उपलब्ध होने का इंतजार है।

कांग्रेस नेताओं का दावा है कि वायरल वीडियो में दिखाई गई स्थिति वास्तविक है और मौके पर पहुंचकर उन्होंने इसकी पुष्टि की है। कांग्रेस ने भाजपा नेता एवं विधायक गोपाल भार्गव के हालिया बयानों पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि क्षेत्र की समस्या को छिपाया नहीं जा सकता।

कांग्रेस की ओर से कहा गया कि जिस स्थान पर पुलिया क्षतिग्रस्त है, उसके समीप नए पुल का निर्माण कार्य चल रहा है, लेकिन निर्माण अवधि में आम लोगों और विशेषकर विद्यार्थियों के आवागमन के लिए सुरक्षित वैकल्पिक व्यवस्था होना जरूरी है। कांग्रेस का आरोप है कि मौजूदा स्थिति में छात्र-छात्राएं जोखिम उठाकर टूटी पुलिया से निकलने को मजबूर हैं।

वहीं, कांग्रेस ने यह भी कहा कि छात्राओं द्वारा अपनी समस्या उठाना किसी राजनीतिक उद्देश्य से नहीं था, बल्कि परेशानी के चलते उन्होंने अपनी आवाज सामने रखी।

इस पूरे मामले में अब राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच जनता का सीधा सवाल यह है कि समस्या का समाधान कब होगा?

वायरल वीडियो सामने आने के बाद कांग्रेस नेताओं का घटनास्थल पर पहुंचना भी चर्चा का विषय बना हुआ है। सवाल यह उठ रहा है कि यदि समस्या पहले से मौजूद थी तो राजनीतिक दलों के जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता पहले ही मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लेकर प्रशासन के सामने समस्या क्यों नहीं रखते?

दूसरी ओर, भाजपा की ओर से निर्माणाधीन पुल के चलते वैकल्पिक व्यवस्था और मौजूदा स्थिति को लेकर क्या जवाब दिया जाता है, यह भी महत्वपूर्ण होगा।

अब देखने वाली बात यह होगी कि क्या दोनों दलों के नेता और कार्यकर्ता आरोप-प्रत्यारोप से आगे बढ़कर प्रशासन के साथ मिलकर जल्द सुरक्षित आवागमन की व्यवस्था करवाने की पहल करते हैं, या फिर मामला राजनीतिक बयानबाजी और मौके पर फोटो-वीडियो तक ही सीमित रह जाता है।

फिलहाल बेरखेड़ी के ग्रामीणों, विद्यार्थियों और उनके परिजनों की प्राथमिकता राजनीति नहीं, बल्कि सुरक्षित रास्ता और जल्द समाधान है। जनता को अब आश्वासन नहीं, बल्कि काम पूरा होने और सुरक्षित मार्ग उपलब्ध होने का इंतजार है।

Tags :

#damoh

mp

MP

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें