गुरुवरजी का है संदेश, नशामुक्त हो सारा देश... : भगवती मानव कल्याण संगठन ने पदयात्रा निकाली। 10 हजार से भी ज्यादा सदस्य इस पदयात्रा के साक्षी बने।
Jankranti Express
Sun, Nov 23, 2025
मध्य प्रदेश को नशा मुक्ति बनाने को लेकर भगवती मानव कल्याण संगठन ने पदयात्रा निकाली। 10 हजार से भी ज्यादा सदस्य इस पदयात्रा के साक्षी बने।
संभाग सागर
सफेद कुर्ते-पायजामे और लाल गमछे में हजारों लोग कतारबद्ध चल रहे हैं। बीच-बीच में मांसाहार कभी मत करना, मानवता के पथ पर चलना... गुरुवरजी का है संदेश, नशामुक्त हो सारा देश.... होगा नारी का सम्मान, तभी बढ़ेगा देश का मान... नारे गूंज रहे हैं। सैकड़ों शंखों की ध्वनि गुंजायमान हो रही है। यह नजारा शनिवार दोपहर 12 बजे इम्मानुअल स्कूल के आसपास नजर आया। मौका था प्रदेश में शराबबंदी की मांग को लेकर भगवती मानव कल्याण संगठन की 1 किमी लंबी पदयात्रा का। संगठन अब तक सागर संभाग के गांवों में शराबबंदी अभियान चला
रहा है। कई गांवों में संगठन को अभियान के दौरान शराब ठेकेदार, सरपंच-सचिव और पुलिस के असहयोग, विवादों का सामना करना पड़ा। लेकिन शराबियों से परेशान महिलाओं व लोगों ने साथ दिया तो संगठन ने 1500 गांवों में शराबबंदी कर दी है। अब संगठन प्रदेश में शराबबंदी की मांग कर रहा है। इम्मानुअल स्कूल से शुरू हुई पदयात्रा कलेक्ट्रेट, सिविल लाइंस, कालीचरण चौराहा, गोपालगंज, बस स्टैंड, कोतवाली, तीनबत्ती, कटरा, राधा तिराहा, स्टेशन रोड होते हुए वापस इम्मानुअल स्कूल में सभा में बदल गई। पदयात्रा की अगुवाई संगठन की केन्द्रीय अध्यक्ष पूजा शुक्ला, केन्द्रीय महासचिव अजय

अवस्थी एवं सिध्दाश्रम चेतना आरूणी ने की। संगठन के 10 हजार सदस्य पदयात्रा के साक्षी बने। पदयात्रा का सिविल लाइन में रंगोली सजाकर और गोपालगंज में मुस्लिम समुदाय के मोहम्मद इरशाद, मोना भाई ने सहयोगियों के साथ फूलों से स्वागत किया। सभा में केन्द्रीय अध्यक्ष शक्ति स्वरूपा पूजा शुक्ला और अजय अवस्थी ने कहा कि सागर की जनता से अनुरोध है कि आप इस अभियान से जुड़ें और सुंदर सागर को पूर्ण शराब मुक्त कराएं। अभी तक संगठन के प्रयासों से सागर संभाग में 1500 से अधिक गांवों को नशामुक्त किया गया है। पदयात्रा में भाजपा नेता डॉ. अनिल तिवारी, प्रतिभा तिवारी, कपिल मलैया शामिल हुए।
सागर जिले के 600 गांवों में कराई शराब बंदी संगठन के मीडिया प्रभारी रूपेश सेन ने बताया कि संगठन 30 साल से नशामुक्त भारत के निर्माण के लिए जन आंदोलन चला रहा है। इसके तहत सागर जिले में 600 गांवों में पूर्णतः शराबबंदी कराई गई है। जिले की बंडा तहसील के घोघरा, नाहरमऊ, सिगरावन, बरा, हनोता तथा रहली तहसील के काछी पिपरिया गांव में संगठन को अभियान के दौरान न केवल सरपंच-सचिव और पुलिस के असहयोग (कार्यकर्ताओं पर झूठे मुकदमेर दर्ज करने) के कारण शराबबंदी लागू करने में बेहद विवादों और कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। लेकिन शराबियों से परेशान महिलाओं और लोगों ने संगठन का साथ दिया और इन गांवों में अभियान सफल हो गया।
शराब मुक्त घोषित गांव के लोगों से भरवाते हैं सहमति पत्र रूपेश के अनुसार अभियान के दौरान पूरे गांव से सहमति पत्र भरवाया जाता है। यह सहमति पत्र ग्रामीणों की मौजूदगी में पंचायत की बैठक में रखे जाते हैं। शराब बेचने, पीने, नशे में अभद्रता और परिवार में कलह करने पर जुर्माना घोषित कर प्रस्ताव पास कराया जाता है। इसके बाद गांव को शराबमुक्त घोषित कर प्रस्ताव की प्रति पुलिस चौकी या थाने में भेजी जाती है। इसके बाद संगठन गांव में 15 लोगों की टीम तैनात करता है, जो संरक्षक का काम करती है और उल्लंघन करने वालों पर कानूनी कार्रवाई कराती है।
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